संजू त्रिपाठी हत्याकांड का पुलिस कप्तान ने किया खुलासा,हत्या के अलावा तैयार की थी हत्या की फर्जी स्क्रिप्ट..

# Neeraj Makhija | 18 Dec, 2022

बिलासपुर/- 14 दिसंबर को सकरी थाना क्षेत्र में हुए संजू त्रिपाठी हत्याकांड मामलें में अंततः बिलासपुर पुलिस ने सफलता हासिल कर ली हैं,रविवार की शाम बिलासागुड़ी में पुलिस कप्तान ने उक्त पूरे मामलें का खुलासा किया,उन्होने बताया कि संजू त्रिपाठी के पिता जय नारायण त्रिपाठी और सगे भाई कपिल त्रिपाठी सहित दूसरे रिश्तेदारों और साथियों ने मिलकर साजिश रची और घटना को अंजाम दिया,बताया जा रहा है कि पैतृक संपत्ति के विवाद को लेकर हत्या हुई है,मामले में पुलिस ने जय नारायण त्रिपाठी ,कपिल त्रिपाठी, सुनीता निर्मलकर,प्रेम श्रीवासअमन गुप्ता,भरत तिवारी,आशीष तिवारी,रवि तिवारी और राजेंद्र सिंह ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है तो वही अभी कुछ आरोपी फरार हैं..

बताते चले आपको बीते 14 दिसंबर दिन बुधवार को दिनदहाड़े थाना सकरी क्षेत्र अंतर्गत कांग्रेस नेता व हिस्ट्रीशीटर कुदुदंड निवासी संजू त्रिपाठी की अज्ञात शूटरों ने कार को घेराबंदी कर गोली मार मौत के घाट उतार दिया था,पुलिस ने इस वारदात के बाद 100 से अधिक स्थानों पर मोबाइल टावरों का कॉल डाटा छाना तो वही 50 से अधिक टोल प्लाजा में सीसीटीवी कैमरों की छानबीन की,मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र दिल्ली और छत्तीसगढ़ में 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरा को बारीकी से देखा,तो वाहिबपुलिस ने इस मामले में 2 नग पिस्टल एक कट्टा जप्त किया है..

ज्ञात हो कि 14 दिसंबर को फार्म हाउस से घर लौट रहे हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी पर अंधाधुंध फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी गई,सकरी बाईपास चौक स्पीड ब्रेकर पर जैसे ही संजू की कार धीरे हुई थी,उसी समय पहले से उसका इंतजार कर रहे कार सवारों ने अपनी गाड़ी को उसके सामने लाया और दोनों तरफ से संजू पर गोलियां बरसा दी,जिससे संजू त्रिपाठी की मौके पर मौत हो गई,हिस्ट्रीशीटर संजू पर शहर के अलग-अलग थानों में करीब 28 अपराधिक मामले दर्ज थे,इसमें हत्या की कोशिश से लेकर अपहरण बलवा जैसे कई गंभीर अपराध थे,पुलिस के मुताबिक उसने 1992 में पहला अपराध किया और उसके बाद से वह सिलसिलेवार लगातार अपराधिक मामलों में शामिल रहा..

 

पुलिस कप्तान ने बताया कि पूर्व योजना के अनुसार कपिल त्रिपाठी घटना में शामिल नही रहने वाला था,उसने सभी लोगो को आश्वासन दिया था कि मैं जब बाहर रहुंगा तो सबको बाइज्जत बरी करवा लूंगा,तय योजना के अनुसार भरत तिवारी, आशीष तिवारी व रवि तिवारी हथियार कर साथ गिरफ्तार होते और नियोजीत तरीके से दो नग पिस्टल को शनिचरी वाले घर से तथा एक नग पिस्टल को भिलाई से जब्त करवाते,ये पिस्टल जाम थी,चलती नही थी,लिहाजा अदालत में इसका फायदा मिलता,कपिल की पत्नी सुतित्रा त्रिपाठी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पिथौरागढ़ उत्तराखण्ड में उसके भागने के दौरान छुपने की व्यवस्था करवाई थी,पुलिस ने मुख्य साजिश कर्ता कपिल को यूपी में लखनऊ के एक्सप्रेस वे में लग्जरी बस में सोते हुए पकड़ा,संजू के शरीर में 7.65 mm की दस गोलियां लगी थी..

गिरफ्तार आरोपी:-

1- जय नारायण त्रिपाठी(73) ये संजू का पिता है। इसके भिलाई स्थित घर से एक नग पिस्टल व दो राउंड गोली बरामद हुई है

2- कपिल त्रिपाठी उम्र 38 वर्ष निवासी अमेरी बिलासपुर, ये संजू का भाई है जिसने हत्याकांड के बाद भागने के लिए नेपाल,दिल्ली, कश्मीर की रेकी की थी और मुख्य साजिश कर्ता है

3- सुमित निर्मलकर- उम्र 24 वर्ष घुरु अमेरी सकरी। यह स्कार्पियो से कपिल को लेकर फरार हुआ

 4- प्रेम उर्फ बजरंग श्रीवास उम्र 30 साल निवासी मिनी बस्ती,यह पुराना सटोरिया है,यही 5 शूटर उत्तरप्रदेश से लाया था।

5- सुतित्रा त्रिपाठी 36 वर्ष,यह कपिल की पत्नी है और भागने में सहयोग की थी

6- दत्तक पुत्री- इसका संजू शारीरिक शोषण करता था

7- अमन गुप्ता उम्र 23 वर्ष, यह शहर के दाऊ मेडिकल स्टोर के संचालक यशवंत गुप्ता का पुत्र है,जिसने संजू की रेकी कर शूटरों को सूचना दिया व घटना के बाद अपने वाहन से शूटरों को भगाया,इसे कपिल काम के लिए 4 लाख देने वाला था।

8- भरत तिवारी 42 साल, यह दत्तक पुत्री का पति था,इससे संजू आये दिन मारपीट करके इसकी पत्नी से संबंध बनाता था। यह भी संजू की रैकी किया और घटना स्थल में उपस्थित था।

9- आशीष तिवारी 29 साल, यह आरोपी भरत तिवारी का भतीजा है।

10- रवि तिवारी 32 वर्ष, यह भरत तिवारी का भांजा है।

11- राजेन्द्र ठाकुर- यह प्रेम श्रीवास का वाहन चालक है और शूटरों को भागने में सहयोग किया था

 

घटना में प्रयुक्त वाहनो का विवरण

प्रकरण में आरोपीगणों द्वारा घटना में प्रयुक्त वाहन एक नग एलांट्रा कार कमांक सी. जी. 10. एक्स.5566 एवं डिजायर कार सफेद रंग की क्रमांक सी.जी.10.बी.एल.0577 आरोपी अमन गुप्ता की थी, एक स्कार्पियों कार सफेद रंग की कमांक सी.जी. 10 ए.यू 9953 जिसे आरोपी सुमीत निर्मलकर द्वारा किराये पर आकाश कोशले से लिए थे तथा एक बलेनो कार नीले रंग की क्रमांक सी. जी. 10. एफ 1372 का प्रयोग किया गया गया है

एलाण्ट्रा कार में आरोपी अमन गुप्ता, प्रेम श्रीवास, भरत तिवारी, रवि तिवारी बैठे, सफेद डिजायर कार में अज्ञात 03 शुटर्स एवं आशीष तिवारी एवं राजेन्द्र ठाकुर बैठे व बलेनो कार में 02 अज्ञात शुटर्स एवं स्कार्पिया सुमित निर्मलकर बैठकर आरोपी कपिल त्रिपाठी के घर निकले जो घुरू अमेरी रास्ते से गीता पैलेस होकर उसलापुर होकर मुख्य मार्ग में आए सबसे पहले डिजायर कार फिर बलेनो उसके बाद एलण्ट्रा कार एवं सबसे पीछे सफेद स्कार्पियो थी घटना स्थल सबसे पहले डिजायर कार एवं बलेनो कार थी एवं एलाण्ट्रा कार रेक करने वास्ते कानन पेण्डारी के आगे बढ़ गया स्कार्पियो वाहन घटना स्थल के पास खडी थी जो घटना घटित होने के बाद रायपुर रोड की ओर भाग गयी एवं एक डिजायर कार एवं बलेनो कार कोटा रोड तरफ भागे उसके बाद रेकी करने वाला वाहन एलाण्ट्रा रेकी कर वापस कोटा मोड पहुचे थे

जिन्होने घटना में प्रयुक्त नीले रंग के बलेनो कार को देख काम हो जाने के अंदेशा पर बलेनो के पीछे एलाण्ट्रा चलने लगी एवं डिजायर भी पीछे पीछे आ गयी कोटा रोड भरनी के आगे पोडी ग्राम पहुंच मार्ग में एक सुनसान जगह में बलेनो कार को खड़ा कर सफेद स्वीफट डिजायर कार में 05 नफर अज्ञात शुटर्स व प्रेम श्रीवास तथा सफेद एलाण्ट्रा कार में अमन गुप्ता, राजेन्द्र ठाकुर, आशीष तिवारी, भरत तिवारी, रवि तिवारी बैठकर शहडोल की तरफ भाग गये डिजायर कार में सवार युवक शहडोल में नही मिलने से एलाण्टा में सवार आरोपी राजेन्द्र ठाकुर, आशीष तिवारी, भरत तिवारी, रवि तिवारी को अमन गुप्ता शहडोल में छोडकर सुबह सुबह वापस अपने घर आ गया और गाडी अपने घर के पीछे पार्क कर दिया था...

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