जमीन बिक्री के नाम पर दर्जनों लोगों को चुना लगाने वाले जायसवाल बिल्डर के संचालक संतोष के मामले में सरकण्डा पुलिस गंभीर...।

# Neeraj Makhija | 19 Jul, 2022

बिलासपुर।शहर में जमीन खरीदी बिक्री करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों के बीच कई एसे फर्जी जमीन दलाल घुस चुके है।जिनका असल काम लोगों से जमीन बिक्री के नाम पर रकम हासिल करके फर्जीवाड़ा को अंजाम देना है,जो लोग किसी के भी नाम पर दर्ज जमीन को दिखाकर उसी जमीन का बिक्री इकरारनामा करके लोगों से नगद व खाता में रकम आहरण कर भारतीय दण्ड संहिता का उलंघन कर रहे है

इसी तारतम्य में एक मामला प्रकाश में आया है। शिकायत अनुसार दर्जनों लोगों से जायसवाल कंट्रक्शन के संतोष जायसवाल एवं संदीप देवनंदन नगर फेस 2 निवासी ने जमीन बिक्री के नाम पर लाखों रूपए ले लिये है

संतोष जायसवाल ने दर्जनों लोगों के साथ जमीन बिक्री का इकरारनामा भी किया है। बिक्री इकरारनामा में जिस खसरा का उल्लेख संतोष जायसवाल ने किया है।उक्त खसरा की भूमि संतोष के नाम पर दर्ज ही नही है, सो संतोष जायसवाल का नीयत बिक्रेताओं को जमीन बिक्री के नाम पर चुना लगाना है,कोरबा के रानी भगत,बिलासपुर के सरिता यादव सहित दर्जनों लोंगो को संतोष ने स्वयं को बिल्डर बताते हुए बिक्री इकरारनामा करके लाखों रुपए लिया है और रकम हासिल करने के बाद लोगो को जमीन देने से मुकर रहा है, न ही लिए रकम को वापस कर रहा है। पीड़ितों ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर से की है। जिस मामले को एसपी ने संज्ञान में लेकर थाना प्रभारी सरकण्डा को जाँच करके उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है

 सरकण्डा थाना के नव थाना प्रभारी उत्तम साहू ने सभी पीड़ितों को सरकण्डा थाना बुलाकर मामले में जाँच शुरू की है सभी पीड़ितों का कथन लिया जा रहा है जायसवाल कंट्रक्शन के संतोष जायसवाल से इस संबंध में आज पूछताछ की गई है फिलहाल मामले में जाँच जारी है

बर्तन झाड़ू करके जीवनयापन करने वाली गरीब महिला भी हुई शिकार

सरिता यादव महिला गरीब परिवार से है।जो दूसरे के घरों में काम करके अपना और अपने बच्चो का पेट पाल रही है। उसे भी संतोष जायसवाल ने जमीन बिक्री करने के नाम पर चुना लगा दिया है। सरिता आज अपना रकम वापस पाने की आस में थाना सरकण्डा पहुची थी। जिसने मिडीया को बताया कि "एक साल से संतोष के पीछे पैसा वापस लेने के लिए घूम रही हूं पैसा वापस नही कर रहा है और जमीन भी नही दे रहा है"

जाँच में कुल 40 लाख रुपए का हिसाब निकला है वही सूत्रों की माने तो कई और लोग भी है जिन लोगो से संतोष जायसवाल ने रकम लिया है जो कोरबा,रायगढ़ एवं रायपुर के रहने वाले है

सूत्रों और एक शिकायतकर्ता की माने तो संतोष जायसवाल ने और भी कई लोगो को अपना शिकार बनाया है जिन लोगो से यह जमीन बिक्री करने के नाम पर बिक्री इकरारनामा करके रकम लिया है नही उन लोगो से लिये रकम को लौटा रहा है और नही बिक्री इकरारनामा में अंकित जमीन का पंजीयन करा रहा है

संतोष जायसवाल पर पीड़ितों ने लगाया धमकी देने का आरोप

 अपनी जमापूंजी लुटा चुके दर्जनों लोगों ने संतोष जायसवाल पर धमकाने का आरोप लगाया है।सो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा हाल जो गया है।अब देखना होगा कि उपरोक्त मामले पुलिस जाँच कर संतोष जायसवाल के खिलाफ क्या कार्यवाही करती है

जमीन का बयाना देने से पहले क्षेत्रीय पटवारी से जरूर मिले

अगर आप किसी से जमीन खरीदी कर रहे है तो जमीन के कागजात को क्षेत्रीय पटवारी से चेक करा लें ताकि जमीन जिसके नाम पर दर्ज है या नही इसका एवं कहा पर स्थित है उसकी स्थिति आपको पता लग पाए

नोटरी करने वाले अधिवक्ताओं को भी ध्यान देना जरूरी

 अधिवक्ताओं को जमीन के असल कागज़ात देखे बिना जमीन का बिक्री इकरारनामा और नोटरी नही करना चाहिए ताकि बढ़ते जमीन संबंधित फर्जीवाड़ा मामले पर लगाम लग सके

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