श्री झूलेलाल मंदिर में हुआ 22 बटुकों का सामूहिक जनेऊ संस्कार..

# Neeraj Makhija | 23 Jan, 2022

बिलासपुर/- श्री झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चकरभाटा में ब्रह्मलीन बाबा गुरमुखदास जी के 22 वी वर्षी महोउत्सव के अवसर पर संत लाल साई जी के द्वारा सामूहिक जनेऊ संस्कार का आयोजन किया गया कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:00 बजे भगवान झूलेलाल बाबा गुरमुखदास जी के फोटो पर माला अर्पण कर बहराणा साहब की अखंड ज्योत प्रज्वलित करके की गई पंडित पुरन शर्मा जी के द्वारा विधि विधान के साथ जनेऊ संस्कार कार्यक्रम का शुभारंभ किया जिसमें 22 बटुकों का सामूहिक जनेऊ संस्कार हुआ..

इस शुभ अवसर पर लखनऊ के शिव शांति आश्रम के शहजादा साई मोहनलाल साहिब जी विशेष रूप से कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे बच्चों को अपना आशीर्वाद दिया एवं अपने आशीष वचन में कहा कि मां के गर्भ में ही 4 संस्कार पूरे हो जाते हैं बाकी के बचे 12 संस्कार बच्चे के जन्म से लेकर मृत्यु तक एक-एक करके पूरे होते हैं जिनमें से आज 10 वां है जनेऊ संस्कार सनातन धर्म में जंगलों में आश्रम होते थे बच्चे के माता-पिता बच्चों को ले जाते थे गुरु के पास गुरु दीक्षा से पहले गुरु बच्चे को जनेऊ संस्कार के बाद ही गुरु दीक्षा देते थे उन्हें ज्ञान प्राप्त होता था पर आज समय बलवान है बहुत आगे बढ़ चुका है आप बड़े भाग्यशाली हैं कि आपको जंगलों में जाना नहीं पड़ा बल्कि आपके ही घर के पास में ही ऐसा तीरथ धाम ऐसी पवित्र तपोभूमि ऐसे संत के सानिध्य में आपके बच्चो का जनेऊ संस्कार हो रहा है सबसे बड़ा संस्कार है

माता पिता की सेवा करना उनकी आज्ञा का पालन करना हिंदू धर्म में जनेऊ संस्कार का महत्व बहुत ही बड़ा है और आज जो आपको पंडित जी के द्वारा जनेऊ संस्कार के बारे में बताया गया है उसका सभी पालन करें वह अपने धर्म की रक्षा करें वह अपनी बोली भाषा संस्कृति को बढ़ाएं मुझे बहुत खुशी है कि ऐसे पावन अवसर पर ऐसी तपोभूमि में आने का मौका मिला आप सभी को जनेऊ संस्कार की बहुत-बहुत बधाइयां व शुभकामनाएं

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक विशेष रूप से मंदिर पहुंचे माथा टेका और संत जनों से मुलाकात की दोनों संत जनों ने धरमलाल कौशिक का शाल ओढ़ाकर श्रीफल देकर सम्मान किया

धरम लाल कौशिक ने अपने आशीष वचन में कहा कि हिंदू धर्म में जनेऊ संस्कार का महत्व बहुत बड़ा होता है वह जनेऊ हिंदू की पहचान है बड़े ही खुशी की बात है कि आप आज इस पावन तीर्थ स्थान में आप सभी लोग आए वैसे भी इस पावन स्थान व तपोभूमि में धर्म के साथ-साथ देश हित और समाज हित के भी कार्य निरंतर चलते रहते हैं इसी कड़ी में आज जनेऊ संस्कार का आयोजन किया गया आप सभी को जनेऊ संस्कार की बहुत-बहुत बधाइयां व उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

संत लाल साई जी ने भी अपनी अमृतवाणी में बताया कि जनेऊ संस्कार हिंदू धर्म में क्यों महत्वपूर्ण है बगैर जनेऊ पहने शादी नहीं हो सकती है जनेऊ पहनना आधी शादी हो जाना है 16 संस्कारों में से 10 वा है जनेऊ संस्कार है जनेऊ संस्कार जिससे उपनयन संस्कार भी कहा जाता है जनेऊ पहनने के बाद आप यज्ञ करने के वह आहुति देने के अधिकारी भी बन जाते हैं हिंदू की पहचान है जनेऊ और चोटी इसी जनेऊ की रक्षा के लिए लाखों हिंदुओं ने अपने शहादत दे दी पर अपने धर्म को नहीं छोड़ा और जनेऊ को नहीं उतारा जब कोई बच्चा जनेऊ पहनता है तो वह यज्ञ करने का उत्तराधिकारी बन जाता है

हिंदू धर्म की पहचान है जनेऊ जनेऊ पहने से कई फायदे भी होते हैं वह जनेऊ पहनने के बाद जो उसके नियम है उसे पालन करना चाहिए जनेऊ पहनना मतलब कि आप अपने धर्म की रक्षा के लिए उसके प्रचार-प्रसार के लिए तैयार हैं बाबा गुरमुखदास सेवा समिति के द्वारा साईं मोहनलाल जी का भव्य स्वागत किया गया सम्मान किया गया

इस अवसर पर अजय बजाज म्यूजिकल पार्टी भुसावल से मनीष भाई सीधी से आए थे वह सिंधी लाडा की शानदार प्रस्तुति दी अपने गीतों के माध्यम से लोगों को नाचने के लिए मजबूर कर दिया खुशी का दिन आया है जनेऊ संस्कार हो रहा है जे को खटि आयो खेर सा हो जमालो मुहंजा भाग्य आया तोखे जरणा पाया आज दिन बड़िया आया है सब लोग मिलकर खुशी मनाए ऐसे कई सुंदर मनमोहक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी

इस पूरे आयोजन को करोना महा मारी के कारण छोटे रूप में आयोजित किया गया शासन की गाइड लाइन का पूरा पूरा पालन किया गया हर बच्चे के साथ पांच लोगों को ही मंदिर में आने की अनुमति दी गई सोशल डिस्पेंसरी का ध्यान रखा गया आए हुए सभी लोगों को मार्क्स वितरण किया गया सैनिटाइजर का उपयोग किया गया ताकि करोना महामारी से बचाव हो सके इस पूरे आयोजन का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया हजारों भक्तों ने घर बैठे आज के जनेऊ संस्कार कार्यक्रम को देखा कार्यक्रम के अंत में सभी 22 बच्चों को को उपहार दिए गए व संत जनों के द्वारा आशीर्वाद दिया गया दोपहर 3:00 बजे बहराणा साहब को ढोल बाजे के साथ मंदिर से निकलकर तालाब लेकर पहुंचे संतलाल साई जी के द्वारा विधि विधान के साथ बहराणा साहब का विसर्जन किया गया अखंड ज्योत को तराया गया विश्व कल्याण के लिए अरदास की गई पल्लो पाया गया

पूरे आयोजन को सफल बनाने में बाबा गुरमुखदास सेवा समिति श्री झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा..

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